अर्थ शब्दों में नहीं तुम्हारे भीतर है
Meaning is not in the words but Inside you.
Thursday, January 15, 2009
सफेद सूरज
कहाँ हैं इसके रथ में जुते सात घोड़े
रात भी यहीं सुबह भी यहीं दोपहर और शाम भी यहीं!
बंद कर दूँ खिड़की
क्या करूँ इस दृश्य का
हर दिशा में,
मैं ही हूँ
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"Sensitivity is built into our DNA" : Mohan Rana
मुखौटे में दो चेहरे (कविता चयन) :: मोहन राणा
चुनी हुई कविताओं का चयन यह संग्रह - मुखौटे में दो चेहरे मोहन राणा © (2022) प्रकाशक - नयन पब्लिकेशन
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