अर्थ शब्दों में नहीं तुम्हारे भीतर है
Meaning is not in the words but Inside you.
Monday, August 01, 2005
कोई आकर पूछे
रुके और पहचान ले
अरे तुम
जैसे बस पलक झपकी
कि रुक गया समय भी,
कोई अधूरा दिख गया.
1.8.05 © मोहन राणा
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मुखौटे में दो चेहरे (कविता चयन) :: मोहन राणा
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