अर्थ शब्दों में नहीं तुम्हारे भीतर है
Meaning is not in the words but Inside you.
Thursday, November 03, 2005
परिधि
क्या अंत का भी कोई आंरभ होता है
जो नहीं होता है कभी उसका भी कोई अंत होता है,
भ्रम को सच मानते
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"Sensitivity is built into our DNA" : Mohan Rana
मुखौटे में दो चेहरे (कविता चयन) :: मोहन राणा
चुनी हुई कविताओं का चयन यह संग्रह - मुखौटे में दो चेहरे मोहन राणा © (2022) प्रकाशक - नयन पब्लिकेशन
(no title)
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