'शेष अनेक' कविता संग्रह की समीक्षा। A celebration of elemental muse.
निसर्ग प्रेरणांचा उत्सव। A celebration of elemental muse. 'शेष अनेक' की दा.गो.काळे. द्वारा लिखित समीक्षा 'वाटसरू' [1 से 15 सितम्बर 2016 ] अंक में। Review of 'Shesh Anek' in Watsaru Magazine ( 1-15 sept 2016) by Damodar Kale.