अर्थ शब्दों में नहीं तुम्हारे भीतर है
Meaning is not in the words but Inside you.
Thursday, July 30, 2009
कल परसों कि आज
मेज पर सामान पड़ा है, कतरनें,
पुरानी होती रसीदें और चुपके से जमा होती धूल.
इतने दिन हो गए कि हर रोज.
मैंने डाकिये से कहा होने वाली है बारिश
सड़क के दूसरी ओर ही रहना वरना भीग जाओगे.
अब इस गीली चिठ्ठी को कहाँ रखूँ
© मोहन राणा
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मुखौटे में दो चेहरे (कविता चयन) :: मोहन राणा
चुनी हुई कविताओं का चयन यह संग्रह - मुखौटे में दो चेहरे मोहन राणा © (2022) प्रकाशक - नयन पब्लिकेशन
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