The Translator : Nothing is Translated in Love and War
8 Apr 2025 Arup K. Chatterjee Nothing is Translated in Love and War Translation of Mohan Rana’s poem, Prem Au...
-
चुनी हुई कविताओं का चयन यह संग्रह - मुखौटे में दो चेहरे मोहन राणा © (2022) प्रकाशक - नयन पब्लिकेशन
-
पेंच जहाँ भी पड़ती नजर हर दिशा हर जगह हैं , खिड़की दरवाजों दीवारों मेज और जिस कुर्सी पे बैठा हूँ उस पर भी पूरे घर में पेंच लगे हैं व...
